Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
किडनी की खराबी के लकà¥à¤·à¤£
किडनी शरीर का इतना मजबूत अंग है कि जब तक 70 से 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक काम करना बंद न करदें तो हमें पता ही नहीं चलता। हालांकि छोटे-मोटे लकà¥à¤·à¤£ सामने आते हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हम सामानà¥à¤¯ समà¤à¤•र नजरअंदाज कर देते हैं। किडनी खराब होने से पहले कà¥à¤› संकेत देती हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हमें हलà¥à¤•े में न लेकर तà¥à¤°à¤‚त कोई संà¤à¤µ जाà¤à¤š या डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना चाहिà¤à¥¤
कà¥à¤¯à¤¾ हैं खराब किडनी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दिठगठवे संकेत जानिà¤-
खून की कमी (à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾) और कमजोरी
जलà¥à¤¦à¥€ थकान लगना, शरीर में पीलापन, किडनी की खराबी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ हैं। अगर उपचार से à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ ठीक नहीं हो रहा है तो, यह किडनी की खराबी का संकेत हो सकता है।
चेहरे और शरीर पर सूजन आना
चेहरे, पेट और पैरों में सूजन, किडनी की बीमारी का संकेत है। लेकिन यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखना चाहिठकि जरूरी नहीं है सूजन, किडनी की खराबी का ही संकते है। रोगियों में सूजन को लेकर अलग-अलग मत हो सकते हैं।
à¤à¥‚ख न लगना, उलà¥à¤Ÿà¥€ आना
à¤à¥‚ख की कमी, मितली, उलटी, मà¥à¤à¤¹ के सà¥à¤µà¤¾à¤¦ में बदलाव आना आदि किडनी की खराबी का आम लकà¥à¤·à¤£ हैं। किडनी की कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में कमी का कारण शरीर में विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की मातà¥à¤°à¤¾ बड़ जाती है। जिसकी वजह से मितली, उलटी, जी मचलाना और मरीज को हिचकियाठà¤à¥€ आती है।
उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª
किडनी की खराबी के कारण मरीज को उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª होना à¤à¤• आम लकà¥à¤·à¤£ है। अगर उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª 30 साल से कम उमà¥à¤° में हो जाये या किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° में रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª बहà¥à¤¤ अधिक है तो इसका कारण किडनी रोग हो सकता है।
पेशाब संबंधी बदलाव
किडनी की खराबी में सबसे पहले पेशाब संबंधी बदलाव आते हैं। जैसे- पेशाब का रंग बदल जाना, मातà¥à¤°à¤¾ में कमी आ जाना, सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पेशाब आना, पेशाब में जलन होना, पेशाब में खून या पस आना और गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¤à¤¿ में पेशाब आना बिलà¥à¤•à¥à¤² बंद हो जाना।
अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£
उरोकà¥à¤¤ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के अलावा à¤à¥€ रोगियों में कई और लकà¥à¤·à¤£ देखे जाते हैं जैसे- पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होना, पैरों में à¤à¤‚ठन, शरीर में दरà¥à¤¦, फेफड़ों में पानी à¤à¤° जाना, सांस लेने में तकलीफ,दिल की कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कमजोर हो जाना, औरमसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ आदि।
| --------------------------- | --------------------------- |